Posts

Showing posts from August, 2020

Who created God?

Image
   क्या प्रत्येक वस्तु को बनाने वाला होता है? यदि हाँ, तो ईश्वर का बनाने वाला कौन है? उत्तर:- आप सभी ने यह तो अवश्य ही सुना होगा " सत्यमेव जयते" लेकिन विचारणीय यह है कि सत्य की विजय स्वयं होती है अथवा सत्य को जिताना पड़ता है । एक lawyer कोई केस इसलिए नहीं हारता की उसने गलत पक्ष को चुना, अपितु उसने केस की प्रस्तुति ठीक से नहीं की यह भी उसके हारने में एक मुख्य कारण  होता है।  अपने मुख्य उत्तर में आने से पूर्व यह जानना अत्यन्त आवश्यक हो जाता है, की नास्तिक वर्ग की कोटि में कितने प्रकार के लोग आ सकते है, यह जानना इसलिए आवश्यक है कि उत्तर किसको देना है इसका भी परिज्ञान हमें अवश्य होना चाहिए। तो नास्तिक को हम निम्न भागों में बांट सकते हैं-- 1) जो परंपरा से नहीं मानते( माता-पिता भी नास्तिक) 2) जो मानना चाहते नहीं 3)जो मानना चाहते हैं लेकिन तर्क की कसौटी पर  तो 1 और 2 भाग के नास्तिक को तो ईश्वर भी आके नहीं समझा सकता, हमारी और आपकी शक्ति ही क्या? अब बचे 3 भाग के नास्तिक, इन्हीं को समझाना हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।।   उत्तर हेतु हमें दो बातों का और ध्यान होना चाह...

आज तक ऐसा प्रवचन किसी ने सुनाया

Image
आप सभी प्रिय मित्रों को नमस्ते।। पुनः आप सभी का इस नए ब्लॉग में हार्दिक स्वागत है |  आशा करता हूँ की आपको पिछला ब्लॉग "कोरोना और यज्ञ " से लाभ हुआ होगा , तो आइए  आज एक नए विचार पर चिंतन करते हैं।   जैसा कि  हम सभी जानते हैं कि संसार परिवर्तनशील है चाहे वह प्रकृति हो अथवा समाज हर जगह परिवर्तन देखने को मिलता है।  समाज में रहने वाला व्यक्ति भी स्वयं को बदलना चाहता है, पर यहाँ  यह समझना महत्वपूर्ण है कि वह किस प्रकार का बदलाव चाहता है , उन्नति अथवा अवनति दोनों ही एक प्रकार का  बदलाव है।  एक बदलाव, व्यक्ति व समाज को विकास , उत्थान की ओर ले जाता है वहीँ दूसरा बदलाव व्यक्ति एवं समाज को विनाश अथवा पतन की ओर ले जाता है।  परन्तु दुर्भाग्यवश आज समाज में  इन दोनों में भेद समाप्त हो गया है जिस कारण से सिर्फ एक भाग को ही लोगों ने  बदलाव समझ लिया है जिसे हम Modernisation के रूप में आज जानते हैं।  इससे दो अर्थ लिए जाते हैं - विज्ञान और तर्क।  इस आधुनिकीकरण के नाम पर व्यक्ति , समाज और देश  भौतिकतावाद की ओर बढ़ता चला जा र...