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Who created God?

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   क्या प्रत्येक वस्तु को बनाने वाला होता है? यदि हाँ, तो ईश्वर का बनाने वाला कौन है? उत्तर:- आप सभी ने यह तो अवश्य ही सुना होगा " सत्यमेव जयते" लेकिन विचारणीय यह है कि सत्य की विजय स्वयं होती है अथवा सत्य को जिताना पड़ता है । एक lawyer कोई केस इसलिए नहीं हारता की उसने गलत पक्ष को चुना, अपितु उसने केस की प्रस्तुति ठीक से नहीं की यह भी उसके हारने में एक मुख्य कारण  होता है।  अपने मुख्य उत्तर में आने से पूर्व यह जानना अत्यन्त आवश्यक हो जाता है, की नास्तिक वर्ग की कोटि में कितने प्रकार के लोग आ सकते है, यह जानना इसलिए आवश्यक है कि उत्तर किसको देना है इसका भी परिज्ञान हमें अवश्य होना चाहिए। तो नास्तिक को हम निम्न भागों में बांट सकते हैं-- 1) जो परंपरा से नहीं मानते( माता-पिता भी नास्तिक) 2) जो मानना चाहते नहीं 3)जो मानना चाहते हैं लेकिन तर्क की कसौटी पर  तो 1 और 2 भाग के नास्तिक को तो ईश्वर भी आके नहीं समझा सकता, हमारी और आपकी शक्ति ही क्या? अब बचे 3 भाग के नास्तिक, इन्हीं को समझाना हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।।   उत्तर हेतु हमें दो बातों का और ध्यान होना चाह...

आज तक ऐसा प्रवचन किसी ने सुनाया

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आप सभी प्रिय मित्रों को नमस्ते।। पुनः आप सभी का इस नए ब्लॉग में हार्दिक स्वागत है |  आशा करता हूँ की आपको पिछला ब्लॉग "कोरोना और यज्ञ " से लाभ हुआ होगा , तो आइए  आज एक नए विचार पर चिंतन करते हैं।   जैसा कि  हम सभी जानते हैं कि संसार परिवर्तनशील है चाहे वह प्रकृति हो अथवा समाज हर जगह परिवर्तन देखने को मिलता है।  समाज में रहने वाला व्यक्ति भी स्वयं को बदलना चाहता है, पर यहाँ  यह समझना महत्वपूर्ण है कि वह किस प्रकार का बदलाव चाहता है , उन्नति अथवा अवनति दोनों ही एक प्रकार का  बदलाव है।  एक बदलाव, व्यक्ति व समाज को विकास , उत्थान की ओर ले जाता है वहीँ दूसरा बदलाव व्यक्ति एवं समाज को विनाश अथवा पतन की ओर ले जाता है।  परन्तु दुर्भाग्यवश आज समाज में  इन दोनों में भेद समाप्त हो गया है जिस कारण से सिर्फ एक भाग को ही लोगों ने  बदलाव समझ लिया है जिसे हम Modernisation के रूप में आज जानते हैं।  इससे दो अर्थ लिए जाते हैं - विज्ञान और तर्क।  इस आधुनिकीकरण के नाम पर व्यक्ति , समाज और देश  भौतिकतावाद की ओर बढ़ता चला जा र...

कोरोना वायरस और यज्ञ

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32 देशों के वैज्ञानिकों ने * विश्व स्वास्थ्य संगठन * को लिखे पत्र में COVID 19 के हवा के माध्यम से फ़ैलने की बात कही है जो कि चिंता का विषय है। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के साँस के छोड़ने, बोलने, खाँसने से कोरोना वायरस हवा के माध्यम से अन्यों को संक्रमित करता  है। यह कैसे फ़ैलता है? कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के बोलने, छींकने, खाँसने से छोटे छोटे कण निकलते हैं, इन्हीं से वायरस हवा में पहुँचता है। यदि इन कणों का आकार 5(Microns) से ज्यादा है तो ये कण भारी होने के कारण नीचे गिर जाएंगें ओर यदि 5 microns से कम है तो नीचे गिरने में लंबा समय लगेगा जिस कारण से ये हल्के होने के कारण हवा के माध्यम से अन्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं।  समाधान:- हवा के माध्यम से फैलने के सम्बन्ध में कई मत सामने आ रहे हैं। लेकिन फिर भी हमें सतर्क रहना चाहिए, इस संबंध में सरकार द्वारा दिये जा रहे सभी निर्देशों का ईमानदारी से पालन कर हम स्वयं के साथ अन्यों के जीवन की भी रक्षा कर सकते हैं। वैदिक विज्ञान इस सन्दर्भ में:- वेदों के अनुसार परम पिता परमेश्वर इस संसार का रचयिता है और इस सँसार में मनुष्य ...