कोरोना वायरस और यज्ञ
32 देशों के वैज्ञानिकों ने *विश्व स्वास्थ्य संगठन* को लिखे पत्र में COVID 19 के हवा के माध्यम से फ़ैलने की बात कही है जो कि चिंता का विषय है। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के साँस के छोड़ने, बोलने, खाँसने से कोरोना वायरस हवा के माध्यम से अन्यों को संक्रमित करता है।
यह कैसे फ़ैलता है?
कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के बोलने, छींकने, खाँसने से छोटे छोटे कण निकलते हैं, इन्हीं से वायरस हवा में पहुँचता है। यदि इन कणों का आकार 5(Microns) से ज्यादा है तो ये कण भारी होने के कारण नीचे गिर जाएंगें ओर यदि 5 microns से कम है तो नीचे गिरने में लंबा समय लगेगा जिस कारण से ये हल्के होने के कारण हवा के माध्यम से अन्यों को भी संक्रमित कर सकते हैं।
समाधान:-
हवा के माध्यम से फैलने के सम्बन्ध में कई मत सामने आ रहे हैं। लेकिन फिर भी हमें सतर्क रहना चाहिए, इस संबंध में सरकार द्वारा दिये जा रहे सभी निर्देशों का ईमानदारी से पालन कर हम स्वयं के साथ अन्यों के जीवन की भी रक्षा कर सकते हैं।
वैदिक विज्ञान इस सन्दर्भ में:-
वेदों के अनुसार परम पिता परमेश्वर इस संसार का रचयिता है और इस सँसार में मनुष्य सुख से जीवन को कैसे जी सकता है अथवा जीवन की रक्षा कैसे कर सकता है? इस बात को उस सर्वज्ञ ईश्वर से बेहतर कौन जान सकता है?? ईश्वर ने मनुष्यों के जीवन रक्षा हेतु दिए सुझावों में एक सुझाव *देवयज्ञ* का भी दिया है जिसे हम यज्ञ अथवा हवन के नाम से जानते हैं।
वायु शुद्धि में यज्ञ का विशेष महत्व है, जिस प्रकार विषैले पदार्थों को जलाने से वायु विषैली अथवा दूषित हो जाती है ठीक उसी प्रकार सुगन्धित, पुष्टिकारक और रोगनाशक औषधियुक्त पदार्थों को अग्नि में आहूत करने से वायु की शुद्धि होती है, उसके पीछे जल की शुद्धि और जब यही शुद्ध एवं रोगरहित जल वाष्प बनकर बादल बन वर्षा करता है तब इस वर्षा से उत्पन्न होने वाला अन्न भी पुष्टिकारक होता है जिससे जीवन की रक्षा होती है। अतः जीवन की रक्षा एवं वायु की शुद्धि हेतु यज्ञ का विशेष महत्व है।
ठीक इसी प्रकार वैदिक नियमों (जो की पूर्व में कह आये ) के अनुसार यज्ञ करने से कोरोना जैसे वायरस एवं बैक्टीरिया का भी नाश होता है, यज्ञ करने से न सिर्फ हमारी रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है अपितु हमारे आस पास एक सुरक्षा कवच बनता है जिससे हमारे जीवन की रक्षा होती है , अतः स्वयं एवं समाज के आध्यात्मिक एवं भौतिक विकास हेतु यज्ञ करना हम सभी के लिए अनिवार्य है |



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